आवश्यक सामग्री – Ingredients for Semolina khasta shakarpara Recipe
- सूजी- 1.5 कप (300 ग्राम)
- चीनी- 1 कप (200 ग्राम)
- तिल- 2 टेबल स्पून
- गुनगुना दूध- 1 कप
- घी- 3 टेबल स्पून (पिघला हुआ)
- तेल- शकरपारे तलने के लिए
विधि – How to make Suji Shakarpara
सूजी में पिघला हुआ घी डालकर मिक्स कर लीजिए. फिर, इसमें थोड़ा-थोड़ा गुनगुना दूध डालते हुए नरम आटा लगा लीजिए. सूजी में तिल डालकर भी गूंथ लीजिए. इतना आटा गूंथने में ½ कप दूध का इस्तेमाल हुआ है. गुंथे हुई सूजी को ढककर 20 मिनिट के लिए रख दीजिए.
20 मिनिट बाद सूजी को थोड़ा सा मसलकर और चिकना कर लीजिए. सूजी को 2 भाग में बांट लीजिए. बोर्ड और बेलन पर थोड़ा सा तेल लगाकर एक भाग को गोल करके बोर्ड पर रखिए. इसे हाथ से दबाकर ¼ सेंमीं की मोटाई में थोड़ा सा बेल लीजिए. लोई को उठाने की जगह बोर्ड को ही घुमाकर इसे मोटे पराठे जैसा बेलिए. इस तरीके से बेलने में आसानी होती है.
इस शीट को अपनी पसंदानुसार आकार और साइज में काट लीजिए. कटे हुए टुकड़े प्लेट में रख लीजिए और दूसरे भाग से भी इसी तरह टुकड़े काटकर तैयार कर लीजिए.
शकरपारे तलने के लिए कढ़ाही में तेल गरम होने रख दीजिए. तेल को चैक कर लीजिए. शकरपारे तलने के लिए तेल मध्यम गरम होना चाहिए. गैस मध्यम करके जितने टुकड़े कढ़ाही में आसानी से बन जाए, उतने तलने के लिए डाल दीजिए. कलछी की मदद से किनारे से शकरपरों को चलाइए और इन्हें चारों ओर से गोल्डन ब्राउन होने तक धीमी मध्यम आंच पर तल लीजिए. सिके हुए शकरपारों को कलछी के ऊपर कढ़ाही के किनारे रोक लीजिए ताकि अतिरिक्त तेल कढ़ाही में ही वापस चला जाए और शकरपारे निकालकर नैपकिन पेपर बिछाकर रखी हुई प्लेट में निकाल लीजिए. सारे शकरपारे इसी तरह तलकर तैयार कर लीजिए.
शकरपारों को एक छोटी स्टील की छलनी में भी डालकर कढ़ाही के ऊपर रखकर ही निकाल सकते हैं. इससे अतिरिक्त तेल कढ़ाही में तुरंत निकल जाएगा. छलनी को थोड़ा सा हिला दीजिए. छोटी-छोटी चीजों को तलकर निकालने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है. 1 बार के शकरपारे तलने में 4 से 5 मिनिट लग जाते हैं.
चाशनी बनाएं
पैन में चीनी और आधा कप पानी डाल लीजिए. चाशनी को चीनी घुलने के 3 से 4 मिनिट बाद तक पका लीजिए. बीच-बीच में इसे चला लीजिए. फिर, चाशनी चैक कर लीजिए. चाशनी 2 से 3 तार की यानी कि जमने वाली कन्सिस्टेन्सी की तैयार होनी चाहिए. चाशनौ चैक करने के लिए 1 – 2 बूंदे प्याली में टपकाएं और थोड़ा सा ठंडा होने के बाद उंगली में चिपकाकर देखें, चाशनी में अच्छा तार बनना चाहिए. चाशनी को बहुत ज्यादा गाढ़ा नही करना है. चाशनी बनकर तैयार है. गैस बंद कर दीजिए.
सिके हुए पारों को चाशनी में डाल दीजिए और कढ़ाही को जाली स्टेन्ड पर रख लीजिए ताकि यह जल्दी ठंडे हो जाए. इनको अच्छे से मिला लीजिए और शकरपारों पर चीनी की परत अच्छे से चढ़ जानी चाहिए. शकरपारों को निकालकर एक प्लेट में रख लीजिए. शकरपारों को चमचे से अलग-अलग करते रहिए वरना ये गट्ठर की तरह जम जाएंगे.
सूजी के कुरकुरे खस्ता शकरपारे तैयार हैं. इनके पूरी तरह से ठंडा होने के बाद किसी भी कन्टेनर में भरकर रख लीजिए और पूरे 2 माह तक खाएं.
सुझाव
- शकरपारों के लिए बारीक वाली सूजी लें. अगर मोटी सूजी ले रहे हैं, तो ¾ कप सूजी और ¼ कप मैदा मिला लें.
- मोयन डालते समय घी की जगह तेल भी ले सकते हैं.
- सूजी से डोह थोड़ा नरम बनाएं क्योंकि बाद में ये सख्त हो जाता है.
- शकरपारे मध्यम गरम तेल और मध्यम-धीमी आंच पर ही तलें.
- चाशनी जमने वाली कन्सिस्टेन्सी की होनी चाहिए. यह बहुत ज्यादा गाढ़ी नही होनी चाहिए वरना शकरपारे डालते ही चाशनी बिखरने सी लगेगी. 2 से 3 तार के बीच की चाशनी बनाकर तैयार करें.
- अगर आपको ज्यादा मीठा पसंद है, तो आप शकरपारों पर थोड़ी सी चाशनी की परत और चढ़ने तक इन्हें मिलाते रहें. चाशनी ठंडी होने पर गाढ़ी होती जाती है.
- बची हुई चाशनी के सूखने पर इसे आप चाय, हलवा, चीला आदि में यूज कर सकते हैं.