राजगिरा । रामदाना
राजगिरा (Rajgira) चौलाई के दानों से प्राप्त होता है, इस कारण से इसे चौलाई के बीज भी कहा जाता है. राजगिरा एक बहुत ही पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार होता है. इसे अनाज नहीं माना जाता जिस कारण राजगिरा को व्रत एवं उपवास के दौरान मुख्य रुप से उपयोग में लाया जाता है. राजगिरा को एक बहुत ही प्राचीन खाद्य पदार्थ के रुप में मौजूद माना जाता है.
राजगिरा के अन्य नाम – जैसा कि ऊपर कहा गया है कि इसे चौलाई से प्राप्त किया जाता है. इसलिए कुछ लोग इसे चौलाई बीज नाम से जानते हैं. इसके अलावा इसे रामदाना (Ramdana) के नाम से भी जाना जाता है. अंग्रेजी भाषा में इसे Amaranth grain (ऐमरंथ ग्रेन) कहा जाता है.
राजगिरा दानेदार रुप में – राजगिरा के बीज को लड्डू बनाने में उपयोग किया जाता है, जिसे सामान्य भाषा में चौलाई के लड्डू भी कहा जाता है. वहीं इसके बीजों को चिक्की बनाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. इसे फलाहारी खिचड़ी बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें मूंगफली, पनीर और आलू डालकर आसानी से और बहुत जल्द तैयार किया जा सकता है. राजगिरा से स्वादिष्ट खीर, पैनकेक इत्यादि भी बनाया जाता है.
राजगिरा का आटा – राजगिरा के आटे को रोटी बनाने के लिए उपयोग किया जाता है. इसके साथ ही इसआटे से पूरी, कचौरी, ब्रेड, डोसा इत्यादि बहुत सी चीजें बनाई जाती हैं. इनके अतिरिक्त राजगिरा के आटे को हलवा बनाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. राजगिरा के आटे को समा के चावल के आटे के साथ या फिर कुट्टू के आटे के साथ मिलाकर स्वादिष्ट पकवान भी बनाए जा सकते हैं.
पौष्टिकता से भरपूर – राजगिरा या कहें रामादाना उच्च पौष्टिक तत्वों से युक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ है. इसमें आयरन, प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, फाइबर, मिनरल प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं. राजगिरा के विषय में ऎसा कहा जाता है कि इसे खाने से व्यक्ति बीमार या अस्वस्थ नहीं होता है.
अंग्रेजी के शब्द ऐमरंथ ग्रेन से तात्पर्य है कि यह मृत्यु पर विजय दिलाने जैसे आहार से भी है. राजगिरा कैंसर जैसी बीमारी को दूर रखने वाला होता है. शरीर की सूजन को भी दूर करता है. इसमें असंतृप्त वसीय अम्ल और घुलनशील फाइबर होता है. यह हृदय के लिए भी अच्छा है. साथ ही हड्डियों की बीमारी से भी निजात दिलाने में सहायक होता है.
व्रत उपवास के दिनों में इसका सेवन करने से व्यक्ति के शरीर में सभी पौष्टिक तत्वों की पूर्ति होती रहती है तथा स्फूर्ति भी बनी रहती है. इसलिए व्रत उपवास में रामदाना का बहुतायत में उपयोग किया जाता है.
ग्लूटेन फ्री – रामादाने के आटे में ग्लूटेन न होने से यह उन लोगों के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है जिन्हें ग्लूटन से एलर्जी है या जो लोग इसका सेवन नहीं कर सकते हैं.
राजगिरा से बनने वाले पकवान
राजगिरा से बहुत ही स्वादिष्ट मीठे और नमकीन पकवान बनाए जाते हैं जिनमें विशेषकर व्रत की रोटी, लड्डू, खिचड़ी, पूरी, कचौरी, पुलाव, दोसा, खीर आदि चीजें शामिल है. इन सभी रेसिपीज़ को आप हमारी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं. इनमें से कुछ रेसिपीज़ के लिंक निम्न है: