आवश्यक सामग्री – Ingredients for Mawa Khurmi
- मैदा – 2 कप ( 250 ग्राम)
- घी – 1/2 कप से थोड़ा सा कम (85 ग्राम)
- बेकिंग पाउडर – 1 छोटी चम्मच
- मावा – 1/3 कप (75 ग्राम)
- पिस्ते – 15-20 (बारीक कटे हुए)
- बादाम – 4 (बारीक कटे हुए)
- काजू – 4 (बारीक कटे हुए)
- पाउडर चीनी – 2 टेबल स्पून (20 ग्राम)
- चीनी – 2 कप (500 ग्राम)
- इलायची पाउडर – 1/2 छोटी चम्मच
- कसर के धागे – 20-25
- घी – तलने के लिये
विधि – How to make Badusha
मैदा को प्याले में निकाल लीजिए. मैदा में बेकिंग पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स कर दीजिए. फिर इसमें घी डालकर मिक्स कर दीजिए और फ्रिज के ठंडे पानी से नरम आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिए. आटे को मसल मसल कर नहीं गूंथना है बस मिक्स करके डोह तैयार कर लीजिए. इतना आटा गूंथने में ½ कप से थोडा़ सा कम पानी लगा है. इस आटे को 15-20 मिनिट के लिए ढक कर रख दीजिए. आटा सैट होकर तैयार हो जाएगा.
स्टफिंग बनाएं
स्टफिंग बनाने के लिए पैन को गैस पर रख कर गरम कीजिए. गरम पैन में क्रम्बल किया हुआ मावा डाल दीजिए. धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए मावा भून लीजिए. मावा को हल्का सा कलर बदलने और अच्छी महक आने तक भूनना है.
मावा भुन जाने पर गैस बंद कर दीजिए और मावा को प्याली में निकाल लीजिए. मावा को हल्का ठंडा होने दीजिए.
मावा के ठंडा हो जाने पर 2 टेबल स्पून पाउडर चीनी, बारीक कटे काजू, बारीक कटे बादाम, थोडा़ सा इलायची पाउडर, 1 छोटी चम्मच बारीक कटे पिस्ते डाल कर सभी चीजों को अच्छे से मिलने तक मिक्स कर लीजिए.
चाशनी बनाएं
चाशनी बनाने के लिए एक बड़े बर्तन में 2 कप चीनी और 1 कप पानी डालकर चीनी को पानी में घुलने तक पकने के लिये गैस पर रख दीजिए. चीनी को तब तक पकाइए, जब तक कि वह पूरी तरह से पानी में घुल न जाए. इसे हर 1-2 मिनिट में चलाते रहें.
केसर के धागों में थोड़ा सा पानी डाल कर रख दीजिए केसर रंग छोड़ देगा.
चाशनी को चैक कीजिये, चीनी पानी में घुलने के बाद चाशनी में केसर और इलायची पाउडर डाल कर मिला दीजिए. चाशनी को 2 मिनिट पकने दीजिए. चाशनी चैक कीजिए. चमचे से 1- 2 बूंद चाशनी की गिराते हुए देंखिए. ये बूंदें तार बनाते हुए गिर रही हो, चाशनी में 1 तार बन रही हो तो, चाशनी बन कर तैयार है, चाशनी को आप एक अन्य तरीके से भी चैक कर सकते हैं जिसमें, चमचे से 1- 2 बूंद चाशनी की किसी प्याली में निकालिये, ठंडी होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाइये, चाशनी में 1 तार बन रही हो तो, चाशनी बन कर तैयार है, गैस बंद कर दीजिये. चाशनी बनकर तैयार हैं. चाशनी को गैस पर से उतार कर जाली स्टैंड पर रख दीजिए और ढक दीजिए ताकि ये जल्दी से ठंडी न हो.
बालूशाही बनाइए
आटे को सैट होने के बाद हाथ से तोड़ते हुए थोड़ा सा मिक्स कर लीजिए. आटे को मसलना नहीं है. गुथे आटे से थोडा़ सा आटा तोड़ कर लम्बा कीजिए और इससे छोटी छोटी लोइयां तोड़िये. फिर एक लोई उठाएं और इसे कटोरी का आकार देते हुए गोल कीजिए और इसके बीच में 1/2 छोटी चम्मच मावा स्टफिंग डाल दीजिए. इसके बाद आटे को चारों ओर से उठाते हुए स्टफिंग को अच्छी तरह से बंद कर दीजिए. इसे बीच से अंगूठे से हल्का दबाव देते हुए दबा दीजिए. सारे आटे से इसी तरह सारी बालूशाही भर कर तैयार कर लीजिये.
बालूशाही तलिए
इन्हें तलने के लिये कढ़ाई में घी डालकर धीमी आंच पर हल्का गरम कीजिये. घी गरम हुआ है या नहीं इसे चैक करने के लिए थोडा़ सा आटा गरम घी में डालें, आटा डालने पर घी पर हल्के बबल आ रहे हैं और आटा भी थोडी़ देर में सिक कर ऊपर आ जाता है तो घी बिलकुल सही गरम हुआ है.
पहले 2 बालूशाही को गरम घी में डालिये. बालूशाही सिककर के ऊपर आ जाएगी और नीचे से हल्की सी ब्राउन हो जाएगी तो इसे पलट देंगे. बालूशाही सिक कर फूल कर घी के ऊपर आ गई है गैस पर थोडा़ सा तेज कर दीजिए और धीमी और मीडियम आग पर बालूशाही को दोंनो ओर अच्छा ब्राउन होने तक तक तल लीजिये. गोल्डन ब्राउन होने पर कलछी की मदद से निकालें और कढ़ाही के ऊपर रोककर रख लीजिए ताकि अतिरिक्त घी निकल कर कढ़ाही में वापस चला जाय. बालूशाही कड़ाही से निकाल कर प्लेट में रख लीजिये. फिर इस बालूशाही को चाशनी में डाल दीजिए.
घी अधिक गरम होने पर गैस बंद कर दीजिए और घी को फिर से ठंडा होने दीजिए. थोडी़ देर बाद गैस जला दीजिए और घी को हल्का सा गरम होने पर बालूशाही डाल दीजिए और दोनों ओर से गोल्डन ब्राउन तल कर तैयार कर लीजिए. तली हुई बालूशाही कड़ाही से निकाल कर प्लेट में रख लीजिये.
चाशनी में पहले से ही डली हुई बालूशाही निकालकर तली हुई बालूशाही डाल दीजिए. सारी बालूशाही इसी तरह तल कर निकाल लीजिये. एक बार की बालूशाही तलने में 14 से 15 मिनिट का समय लग जाता है. इतने आटे से 12 से 14 बालूशाही बनकर तैयार हो जाती हैं.
स्टफ्ड बालूशाही बनकर तैयार हैं इन्हें प्लेट में निकाल कर पिस्ते से गार्निश कर दीजिए. स्वाद से भरपूर स्टफ्ड बालूशाही को परोसिये और खाइये. बालूशाही को फ्रिज में रख कर 15 दिनों तक खाया जा सकता है.
सुझाव
- बालूशाही में स्टफिंग भरते समय ध्यान रखें कि स्टफिंग को अच्छे से बंद करें ताकि यह निकल न पाए.
- बालूशाही के लिए आटा सिर्फ मिक्स करके तैयार करना होता है. इसे मसल मसल कर गूंथना नहीं है.
- बालूशाही के लिए घी एकदम हल्का गरम ही लीजिए. ज्यादा गरम घी में बालूशाही तलने पर बालूशाही फूलेगी नहीं और अच्छे से सिकेगी भी नहीं ओर सख्त बनकर तैयार होंगी. एक बार की बालूशाही तल जाने के बाद घी को ठंडा कीजिए और फिर उसमें दूसरी बालूशाही तलने के लिए डालें.
- चीनी अगर अच्छे से साफ नहीं है उसमें कुछ गन्दगी हैं तब चाशनी बनाते समय, 1-2 टेबल स्पून दूध डाल दीजिये, चाशनी की गन्दगी झाग के रूप में चाशनी के ऊपर आ जायेगी, उसे कलछी से निकाल कर हटा दीजिये, एकदम क्लीयर चाशनी बन कर तैयार हो जायेगी.
- केसर डालना चाहें तो डालें अगर नहीं डालना चाहें तो न डालें.
- बालूशाही को घी के बदले रिफाइंड तेल में भी तला जा सकता है.