आवश्यक सामग्री – Imgredients for Alsi Ki Pinni
- अलसी- 1 कप ( 150 ग्राम)
- गेहूं का आटा- 1 कप (150 ग्राम)
- चीनी- 1 कप (200 ग्राम )
- घी- ¾ कप (200 ग्राम)
- अखरोट- 2 टेबल स्पून
- गोंद- 2 टेबल स्पून
- बादाम- 2 टेबल स्पून
- काजू- 2 टेबल स्पून
- इलायची- 7 से 8
- किशमिश- 1 टेबल स्पून
विधि – How to make Alsi Ki Pinni
अलसी (Linseeds or Flax Seeds) को थाली में डालकर अच्छी तरह छान बीन कर साफ कर लीजिये.
कढ़ाही गरम करके इसमें अलसी डालिये. अलसी को लगातार चलाते हुए भून लीजिए. (अलसी रोस्ट करते समय चटचट की आवाज करती है और भुनने पर हल्की सी फूल जाती है. भुनी अलसी को प्लेट में निकालकर ठंडा कर लीजिए और इसके बाद इसे मिक्सी में थोड़ा दरदरा पीस लीजिए.
कढ़ाही में 1 टेबल स्पून घी डालिए और आटे को डालकर इसे लगातार चलाते हुए हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिए. भुने आटे को किसी थाली में निकाल कर रख लीजिये.
कढ़ाही में बचा हुआ घी डालकर हल्का गरम कर लीजिए. इसमें थोड़ा थोड़ा गोंद डालकर इसे चलाते हुए फूलने तक धीमी आंच पर भून लीजिए. सारा गोंद इसी तरह तलकर निकाल लीजिये.
बादाम और काजू को बारीक काट लीजिए. इलायची को छीलकर कूटकर पाउडर बना लीजिए.
ठंडा होने पर तले हुये गोंद को चकले पर या किसी थाली में बेलन की सहायता से दबादबा और बारीक कर लीजिये.
गोद तलने के बाद जो घी बचा हुआ है उसमें पिसी हुई अलसी को डालिये और कलछी से चला चला कर मीडियम और धीमी आग पर अच्छी महक आने तक भूनिये और थाली में निकाल लीजिये. अलसी पहले से ही भुनी हुई है, तो यह 5 मिनिट में अच्छे से भुन जाती है.
चाशनी बनाएं
कढ़ाही में चीनी और आधा कप पानी डालिये और चाशनी बनने के लिये रखिये. चीनी घुलने तक चमचे से चलाइये और 1 तार की चाशनी तैयार कर लीजिये. चाशनी टैस्ट करने के लिये चमचे से 1 बूंद चाशनी प्याली में गिराइए और उंगली – अंगूठे के बीच चिपका कर देंखें कि जब ऊगली और अंगूठे को अलग करें तो चाशनी से 1 तार निकलना चाहिये. आग बन्द कर दीजिये.
चाशनी में भुना आटा, भुनी अलसी, काटे हुये मेवे, गोंद और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दीजिये. हल्का गरम रहने पर हाथ से थोड़ा थोड़ा (एक नीबू के बराबर) मिश्रण निकालकर लड्डू बनाकर थाली में रखिये. सारे मिश्रण से लड्डू बनाकर तैयार कर लीजिये. लड्डू के ऊपर 1 काजू का टुकड़ा सजावट के लिए लगा दीजिए और प्लेट में रख लीजिए.
अलसी की पिन्नी तैयार है. सर्दियों में रोजाना 1 अलसी की पिन्नी को खाइये और बीमारी से बचे रहिए.
सुझाव
- आटे को लगातार चलाते हुए भूनिए. यह कढ़ाही के तले पर लगकर जलना नही चाहिए.
- गोंद को तलते समय आग धीमी और मीडियम ही रखें, तेज आग पर गोंद अच्छा नहीं फूलता, ऊपर से भुनता है और अन्दर से कच्चा निकल आता है.
- गरम मिश्रण रहते ही लड्डू बना लीजिए वरना मिश्रण बिखरने लगता है.
- पिसी अलसी को मीडियम और धीमी आग पर ही भूनें. तेज आग पर भूनने से जलने का खतरा है.
- चाशनी बनाते समय ध्यान रखें कि वह सही बने, चीनी पानी में घुलने के बाद ही चाशनी का टैस्ट कीजिये और 1 तार की चाशनी बना लीजिये, चाशनी ज्यादा होने पर, वह तुरन्त जमने लगेगी और पिन्नी नहीं बन सकेगी, अगर चाशनी में तार नहीं बन रहा हो तो वह जमेगी ही नहीं और पिन्नी नरम रहेगी.
- सूखे मेवे आप अपने पसन्द से कम ज्यादा कर सकते हैं, आपको जो मेवा पसन्द हो वह डाल सकते हैं और जो मेवा न पसन्द हो वह हटा सकते हैं