पाचन में सहायक और मुंह के स्वाद को बढ़िया करने वाली आंवला कैन्डी चटपटी, बच्चों को खूब भाए, नरम होने के कारण बुजुर्ग भी शौक से खा पाएं.

आवश्यक सामग्री –
आंवले – 300 ग्राम
काला नमक – 2 छोटी चम्मच
जीरा – 1 छोटी चम्मच
अजवायन – 1 छोटी चम्मच
काली मिर्च – ½ छोटी चम्मच
जिंजर पाउडर – ½ छोटी चम्मच
हींग – 1 पिंच

 

विधि –
आंवले भाप में पकाएं
आंवलों को भाप में पकाने के लिए एक ऎसा बर्तन लीजिए जिस पर छलनी आसानी से आ सके. बर्तन में पानी डालकर इसे ढककर पानी उबलने रख दीजिए और छलनी में आंवले रख लीजिए. पानी में उबाल आने के बाद, आंवलों की छलनी बर्तन पर रखिए और आंवलों ढक दीजिए. आंवलों को 8 मिनिट तक तेज आंच पर भाप में पकने दीजिए.

मसाला तैयार कीजिए
पैन में जीरा, अजवायन, काली मिर्च और हींग को हल्का सा आधा- पौना मिनिट भून लीजिए. भुने मसाले को प्याले में निकाल लीजिए ताकि ये जल्दी ठंडे हो जाएं. मसालों के ठंडा होने पर इन्हें मिक्सर जार में काला नमक, जिंजर पाउडर के साथ डालकर पीस लीजिए.

आंवलों के पककर तैयार होने पर छलनी को बर्तन से उतार लीजिए ताकि आंवले ठंडे हो जाएं. आंवले पकने पर खिले-खिले दिखते हैं. आंवलों के ठंडे होने पर इनकी कलियां अलग कर लीजिए और बीज हटा दीजिए. कलियों को दो भाग में काटकर पतला कर लीजिए. इनमें मसाले डालकर अच्छे से मिला दीजिए. आंवलों को प्याले में निकालिए और 1 घंटे के लिए रखे रहने दीजिए. ताकि मसाले अच्छे से आंवलों में ज़ज़्ब हो जाएं.

आंवला कैन्डी सुखाएं
आंवला कैन्डी को सुखाने के लिए ट्रै में डालकर पतला पतला फैला दीजिए और धूप में 2 दिन के लिए सूखने के लिए रख दीजिए. धूप ना हो, तो पंखे की हवा में भी इसे सुखा सकते हैं.

2 दिन बाद, कैन्डी सूख चुकी है. नरम चटपटी आंवला कैन्डी बनकर तैयार है. आंवला कैन्डी को किसी भी कन्टेनर में भरकर रख दीजिए और 6 महीने तक खाइए.

सुझाव

आंवलों को भाप में पकाते समय आंच तेज ही रखे ताकि पानी में भाप लगातार बनी रहे.
साबुत मसालों को ज्यादा ना भूने़, हल्का सा बस नमी दूर होने तक ही भूनना है.
आप चाहे तो आंवलों को अपनी पसंद के अनुसार काट सकते हैं.
भाप में आंवला को पकाने से इसके पौष्टिक तत्व नष्ट नही होते.
आंवला कैन्डी को पूरा नही सुखाएं, हल्का सा नरम रखें.
आंवला केन्डी को धूप या पंखे की हवा में सुखा सकते हैं.